डॉ. प्रभात आर्य, एमडी (मेडिसिन) द्वारा जाँचा गया: 29 सितंबर 2026
IBD के लिए आहार चार्ट
खाने से IBD नहीं होता और खाने से यह ठीक भी नहीं होता; इसे दवाएँ कंट्रोल करती हैं। पर सही खाना ताक़त बनाए रखता है, और फ़्लेयर के समय खाना बदलने से आँतों को आराम मिलता है।
- फ़्लेयर के समय (पतले दस्त, दर्द): नरम, कम फ़ाइबर वाला खाना थोड़ा-थोड़ा खाएँ। ठीक होने पर फिर से सामान्य, हर तरह का खाना खाएँ।
- वज़न न घटने दें। रोज़ भरपूर प्रोटीन खाएँ: दाल, पनीर, दही, अंडा, मछली या चिकन। हर हफ़्ते वज़न देखें।
- फ़ूड डायरी रखें। कोई चीज़ तभी बंद करें जब वह बार-बार परेशानी करे, किसी के कहने भर से नहीं।
ज़्यादा खाएँ
- हर खाने में प्रोटीन: मूँग दाल, पनीर, दही, अंडे, मछली, चिकन
- नरम अनाज: चावल, सूजी, पोहा, इडली, दलिया, पतली रोटी
- छिली, अच्छी तरह पकी सब्ज़ियाँ: लौकी, तोरी, कद्दू, गाजर, आलू
- फल: केला, पपीता, चीकू, उबला हुआ सेब; ठीक होने पर सब फल
- दही और छाछ; दूध भी, जब तक उससे गैस या दस्त न हों
- ख़ूब तरल: पानी, दाल का पानी, छाछ, नारियल पानी; फ़्लेयर में ORS
कम खाएँ, फ़्लेयर के समय
- कच्चा सलाद, फलों के छिलके और बीज
- साबुत दालें: राजमा, छोले, लोबिया, अंकुरित अनाज
- मोटा फ़ाइबर: चोकर, चोकर वाला आटा, ज़्यादा मात्रा में ओट्स
- मेवे और बीज: इन्हें पीसकर खाने में मिलाएँ
- तीखा खाना और ज़्यादा मसाला
- तेल और घी मिलाकर: एक व्यक्ति के लिए पूरे दिन में 4 से 5 छोटे चम्मच (टी-स्पून)
न खाएँ
- तली और बहुत तेल वाली चीज़ें: समोसा, पकौड़ा, पूरी, भटूरे
- बाहर का स्ट्रीट फ़ूड और कटे फल: इन्फ़ेक्शन से फ़्लेयर शुरू हो सकता है
- प्रोसेस्ड मीट, इंस्टेंट नूडल्स और पैकेट वाले स्नैक्स
- कोल्ड ड्रिंक और पैकेट वाला जूस
- शराब और सिगरेट (सिगरेट क्रोहन्स को बहुत बढ़ाती है)
- आइबुप्रोफ़ेन या डाइक्लोफ़ेनेक जैसी दर्द की गोलियाँ: इनसे फ़्लेयर हो सकता है
एक दिन का नमूना
पहले शाकाहारी विकल्प; "बदलें" उनके लिए है जो अंडा, मछली या चिकन खाते हैं।
- सुबह उठकर
- पानी। थोड़े दूध वाली चाय या कॉफ़ी। 4-5 भीगे, छिले बादाम
- नाश्ता
- सूजी का उपमा, सब्ज़ी वाला पोहा या दो इडली, एक कटोरी दही के साथबदलें: दो अंडे, उबले या भुर्जी, एक रोटी या टोस्ट के साथ
- दोपहर से पहले
- एक केला या एक कटोरी पपीता
- दोपहर का खाना
- दो रोटी या चावल, एक कटोरी मूँग दाल, नरम छिली सब्ज़ी, दहीबदलें: दाल की जगह चिकन या मछली की करी
- शाम
- लस्सी या एक गिलास दूध, एक कटोरी पनीर या मीठे दलिये के साथबदलें: एक उबला अंडा
- रात का खाना, 8 बजे तक
- दही के साथ मूँग दाल की खिचड़ी, या पनीर और सब्ज़ी के साथ रोटीबदलें: चावल के साथ नरम स्टू की हुई मछली या चिकन
- सोने से पहले
- एक गिलास दूध या हल्दी वाला दूध, अगर सूट करे
आम ग़लतफ़हमियाँ
- कोई ख़ास डाइट IBD ठीक कर सकती है।
- कोई डाइट इसे ठीक नहीं करती। दवाएँ कंट्रोल करती हैं; खाना ताक़त देता है।
- दूध और दही ज़िंदगी भर के लिए बंद।
- सिर्फ़ तभी बंद करें जब परेशानी करें। दही आमतौर पर सूट करता है।
- जितना कम खाएँ, आँतों को उतना आराम।
- भूखा रहने से कमज़ोरी आती है और ठीक होने में देर लगती है। थोड़ा-थोड़ा, बार-बार खाएँ।
- ठीक लगते ही दवा बंद कर दें।
- दवाएँ बीमारी को शांत रखती हैं। बंद करने से फ़्लेयर लौट आता है।
डॉ. आर्य की आपके लिए सलाह
तुरंत डॉ. आर्य को फ़ोन करें अगर मल में ख़ून आए, बुख़ार हो, पेट में तेज़ दर्द या सूजन हो, दिन में 6 से ज़्यादा पतले दस्त हों, या चक्कर आए। फ़्लेयर में सिर्फ़ डाइट नहीं, दवा ज़रूरी है।
यह वयस्कों के लिए सामान्य सलाह है। आँत में सिकुड़न (स्ट्रिक्चर) हो या आँत का ऑपरेशन हुआ हो, तो और सख़्त कम-फ़ाइबर डाइट चाहिए हो सकती है: डॉ. आर्य से पूछें। डायबिटीज़, किडनी की बीमारी या हार्ट फ़ेल्योर में चीनी, नमक, फल और पानी के लिए उस चार्ट की सीमा पहले मानें।