Dr. Prabhat AryaMBBS, MD (Internal Medicine) · DMC Reg. No. DMC-83759drprabhatarya.com

डॉ. प्रभात आर्य, एमडी (मेडिसिन) द्वारा जाँचा गया: 29 सितंबर 2026

एसिडिटी के लिए आहार चार्ट

ज़्यादातर एसिडिटी खाने के समय और मात्रा में छोटे बदलाव से ठीक हो जाती है। अपनी पसंद का सब खाना छोड़ने की ज़रूरत नहीं: पता करें कि क्या नुक़सान करता है, और उसे कम खाएँ।

½ सब्ज़ी और सलाद ¼ दाल, पनीर, दही, अंडा, मछली, चिकन ¼ रोटी, चावल, दलिया या ओट्स
  1. थोड़ा-थोड़ा खाएँ, कई बार में। भरा हुआ, भारी पेट एसिड को खाने की नली में ऊपर धकेलता है।
  2. लेटने से 2 से 3 घंटे पहले रात का खाना ख़त्म कर लें। किसी भी खाने के तुरंत बाद न लेटें, न सोएँ।
  3. पलंग का सिर वाला हिस्सा ईंटों से 6 से 8 इंच ऊँचा करें; ज़्यादा तकिए काम नहीं आते। वज़न ज़्यादा है तो घटाना सबसे ज़्यादा फ़ायदा करता है।

ज़्यादा खाएँ

  • कम तेल में घर की सब्ज़ी: लौकी, तोरी, टिंडा, कद्दू, गाजर, बीन्स, पालक
  • रोटी, चावल, दलिया, ओट्स, पोहा, इडली, उपमा
  • दाल, मूँग, पनीर, दही, अंडे, कम तेल में बनी मछली और चिकन
  • फल: केला, पपीता, सेब, नाशपाती, ख़रबूज़ा, चीकू
  • खाने के साथ छाछ या सादा दही, अगर आपको सूट करे
  • दिन भर सादा पानी, घूँट-घूँट करके; खाने के साथ एक साथ ज़्यादा पानी न पिएँ

कम खाएँ, अगर परेशानी करे

  • चाय और कॉफ़ी: दिन में ज़्यादा से ज़्यादा दो कप, ख़ाली पेट कभी नहीं
  • तीखा खाना: हरी और लाल मिर्च, ज़्यादा मसाला, गरम मसाला
  • खट्टा खाना: अचार, इमली, टमाटर की ग्रेवी, संतरे-मौसमी का जूस
  • प्याज़, लहसुन और पुदीना, अगर इनसे जलन होती हो
  • चॉकलेट और बहुत मीठा खाना
  • तेल और घी मिलाकर: एक व्यक्ति के लिए पूरे दिन में 4 से 5 छोटे चम्मच (टी-स्पून)

न खाएँ

  • तली चीज़ें: समोसा, पकौड़ा, कचौरी, पूरी, भटूरे, चिप्स
  • देर रात का भारी खाना और आधी रात के स्नैक्स
  • कोल्ड ड्रिंक और सोडा: इनकी गैस एसिड को ऊपर धकेलती है
  • किसी भी तरह की शराब
  • सिगरेट, बीड़ी, हुक्का और गुटखा: ये एसिड को रोकने वाले वाल्व को कमज़ोर करते हैं
  • डॉक्टर से पूछे बिना आइबुप्रोफ़ेन या डाइक्लोफ़ेनेक जैसी दर्द की गोलियाँ

एक दिन का नमूना

पहले शाकाहारी विकल्प; "बदलें" उनके लिए है जो अंडा, मछली या चिकन खाते हैं।

सुबह उठकर
एक गिलास सादा पानी। चाय बाद में, नाश्ते के बाद, ख़ाली पेट नहीं
नाश्ता
सब्ज़ी वाला पोहा, उपमा या दो इडली, या एक रोटी और एक कटोरी दहीबदलें: दो उबले अंडे या कम तेल का ऑमलेट और एक रोटी
दोपहर से पहले
एक फल: केला, पपीता या सेब
दोपहर का खाना
सलाद, एक कटोरी सब्ज़ी, एक कटोरी दाल, दो रोटी या छोटी कटोरी चावल, छाछबदलें: दाल की जगह हल्की ग्रेवी में चिकन या मछली
शाम
हल्की चाय के साथ भुना चना या मखाना, या एक फलबदलें: एक उबला अंडा
रात का खाना, 7:30 बजे तक
हल्का: दही के साथ खिचड़ी, या एक-दो रोटी सब्ज़ी और दाल के साथ। दोपहर से कमबदलें: सब्ज़ी के साथ ग्रिल की हुई या स्टू की हुई मछली या चिकन
सोने से पहले
कुछ न खाएँ। रात के खाने के 2 से 3 घंटे बाद ही लेटें

आम ग़लतफ़हमियाँ

ठंडा दूध एसिडिटी ठीक करता है।
कुछ मिनट आराम देता है, फिर पेट और ज़्यादा एसिड बनाता है।
सोडा या कोल्ड ड्रिंक से पेट ठीक होता है।
इनकी गैस एसिड को ऊपर धकेलती है और जलन बढ़ाती है।
एसिडिटी में ज़िंदगी भर सिर्फ़ फीका खाना खाना होगा।
सिर्फ़ वही चीज़ें कम करनी हैं जो परेशानी करती हैं।
एसिडिटी की गोलियाँ महीनों तक बिना जाँच के ले सकते हैं।
बार-बार होने वाली जलन का कारण डॉक्टर से जँचवाना ज़रूरी है।

डॉ. आर्य की आपके लिए सलाह

जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ अगर मल काला हो, उल्टी में ख़ून आए, निगलने में दिक़्क़त या दर्द हो, बिना कोशिश वज़न घटे, या जलन 50 साल की उम्र के बाद शुरू हुई हो। इनमें सिर्फ़ डाइट नहीं, जाँच ज़रूरी है।

यह वयस्कों के लिए सामान्य सलाह है। गर्भवती हैं तो डॉ. आर्य से पूछें। डायबिटीज़ या किडनी की बीमारी में चीनी, फल, नमक और पानी के लिए उस चार्ट की सीमा पहले मानें। पसीने या साँस फूलने के साथ सीने में दर्द दिल का हो सकता है, एसिडिटी का नहीं: तुरंत अस्पताल जाएँ।