Dr. Prabhat AryaMBBS, MD (Internal Medicine) · DMC Reg. No. DMC-83759drprabhatarya.com

डॉ. प्रभात आर्य, एमडी (मेडिसिन) द्वारा जाँचा गया: 29 सितंबर 2026

क़ब्ज़ के लिए आहार चार्ट

ज़्यादातर क़ब्ज़ तीन चीज़ों से ठीक होती है: ज़्यादा फ़ाइबर, ज़्यादा पानी और ज़्यादा चलना। बदलावों को दो से तीन हफ़्ते दें; आँतों को आदत बदलने में समय लगता है।

½ सब्ज़ी और सलाद ¼ दाल, चना, पनीर, दही, अंडा, मछली, चिकन ¼ गेहूँ की रोटी, दलिया, मोटा अनाज
  1. फ़ाइबर धीरे-धीरे, दो हफ़्ते में बढ़ाएँ: हर खाने में साबुत अनाज, दाल, सब्ज़ी और फल। एक साथ बहुत ज़्यादा लेने से गैस बनती है।
  2. दिन में 8 से 10 गिलास पानी पिएँ। पानी के बिना फ़ाइबर मल को नरम नहीं, और कड़ा करता है।
  3. रोज़ 30 मिनट टहलें, और रोज़ एक तय समय पर, नाश्ते के 15 से 30 मिनट बाद, टॉयलेट जाएँ। मल की इच्छा को कभी न रोकें।

ज़्यादा खाएँ

  • हर खाने में सब्ज़ी: पालक, मेथी, भिंडी, बीन्स, गाजर, गाजर-मटर, लौकी
  • सलाद: खीरा, गाजर, मूली, टमाटर
  • साबुत अनाज: चोकर वाला आटा, दलिया, ओट्स, बाजरा, ज्वार, ब्राउन राइस
  • दाल, चना, राजमा, अंकुरित अनाज
  • फल: अमरूद, सेब, नाशपाती (छिलके समेत), पपीता, संतरा; भीगे आलूबुख़ारे, अंजीर या किशमिश
  • ईसबगोल: रोज़ एक से दो छोटे चम्मच, पूरे गिलास पानी में

कम खाएँ

  • मैदा: सफ़ेद ब्रेड, बिस्कुट, नान, पाव, नूडल्स
  • अकेला सफ़ेद चावल: इसमें दाल और सब्ज़ी मिलाएँ
  • चाय और कॉफ़ी: दिन में दो-तीन कप; इन्हें पानी में न गिनें
  • ज़्यादा मात्रा में दूध और चीज़, अगर इनसे क़ब्ज़ बढ़े
  • कच्चा केला और मिठाई
  • तेल और घी मिलाकर: एक व्यक्ति के लिए पूरे दिन में 4 से 5 छोटे चम्मच (टी-स्पून)

न खाएँ

  • तली और पैकेट वाली चीज़ें: चिप्स, नमकीन, समोसा, मठरी
  • फ़ास्ट फ़ूड: पिज़्ज़ा, बर्गर, इंस्टेंट नूडल्स
  • पानी की जगह कोल्ड ड्रिंक और पैकेट वाला जूस
  • शराब: यह शरीर में पानी कम करती है
  • डॉक्टर से पूछे बिना रोज़ जुलाब की गोली या चूरन
  • घंटों एक जगह बैठे रहना: हर घंटे उठकर थोड़ा चलें

एक दिन का नमूना

पहले शाकाहारी विकल्प; "बदलें" उनके लिए है जो अंडा, मछली या चिकन खाते हैं।

सुबह उठकर
एक-दो गिलास गुनगुना पानी। 2 भीगे अंजीर या 4-5 आलूबुख़ारे
नाश्ता
सब्ज़ी वाला दलिया या ओट्स, या सब्ज़ी वाले दो बेसन चीले, और एक कटोरी दहीबदलें: सब्ज़ी वाला दो अंडे का ऑमलेट और एक गेहूँ की रोटी
दोपहर से पहले
छिलके समेत एक फल: अमरूद, सेब या नाशपाती। एक गिलास पानी
दोपहर का खाना
पहले सलाद। एक बड़ी कटोरी सब्ज़ी, एक कटोरी दाल या राजमा, चोकर वाले आटे की दो रोटी, रायताबदलें: दाल की जगह सब्ज़ी के साथ चिकन या मछली की करी
शाम
चाय के साथ भुना चना या एक कटोरी अंकुरित चाट, या पपीताबदलें: एक उबला अंडा
रात का खाना, 8 बजे तक
सब्ज़ी, दाल और एक-दो रोटी (बाजरा या ज्वार अच्छा है)बदलें: सब्ज़ी और एक रोटी के साथ मछली या चिकन
सोने से पहले
एक पूरे गिलास पानी या दूध में एक-दो छोटे चम्मच ईसबगोल

आम ग़लतफ़हमियाँ

रोज़ रात दूध में एक चम्मच घी ही इलाज है।
इससे चिकनाई मिलती है, फ़ाइबर नहीं। पानी, फ़ाइबर और टहलना असर करते हैं।
रोज़ मल आना ज़रूरी है।
हफ़्ते में तीन बार से दिन में तीन बार तक, सब सामान्य हो सकता है।
ईसबगोल की आदत पड़ जाती है।
यह फ़ाइबर है। इसे लंबे समय तक रोज़ लेना सुरक्षित है।
रोज़ चूरन या जुलाब लेने में कोई नुक़सान नहीं।
तेज़ जुलाब रोज़ लेने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।

डॉ. आर्य की आपके लिए सलाह

जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ अगर मल में ख़ून आए, मल काला हो, बिना कोशिश वज़न घटे, उल्टी के साथ पेट में तेज़ दर्द या सूजन हो, या क़ब्ज़ 50 साल की उम्र के बाद नई शुरू हुई हो। इनमें सिर्फ़ डाइट नहीं, जाँच ज़रूरी है।

यह वयस्कों के लिए सामान्य सलाह है। किडनी की बीमारी या हार्ट फ़ेल्योर में 8 से 10 गिलास नहीं, उस चार्ट की पानी, फल और दाल की सीमा पहले मानें। डायबिटीज़ में फल उस चार्ट के हिसाब से चुनें। शक हो तो डॉ. आर्य से पूछें।